तुम सुंदर हो
ये महज़ देखा नहीं मैंने
महसूस भी किया है
उस हर पल में
जो हमने संग जिया
उस हर सांस में
जो हमने संग लिया
मैं एक कतरा
तुम इश्क समंदर हो
केवल तन नहीं मन से भी
तुम सुंदर हो
जिन्दगी के वो मोड़ जहां
दिल अकेला होता है
वक्त ने मुझे कई मुसीबतों
में धकेला होता है
वहां तुम ही तो होती हो जैसे
एक शक्ति मेरे अंदर हो
तुम बहुत सुंदर हो
› š
0 Comments:
Post a Comment